पीठ पीछे बोलना आसान है,
किसी पे उँगली उठाना आसान है।
जो समझता है ख़ुद को सही,
ये ग़लतफ़हमी रखना आसान है।
आईना जो सामने आ जाए कभी,
अपना चेहरा छुपाना आसान है।
दूसरों के ऐब गिनते हैं सभी,''देव''
ख़ुद की ख़ामी नज़रअंदाज़ करना आसान है।
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