गज़ल
इश्क में तनिक इन्तज़ार कर लूं
तन्हाइयों से थोड़ा आंखें चार कर लूं
चाह तो है कि ख़िल्वत में गुफ्तगू होवे
पहले तो खुद को बेकरार कर लूं
दिल धड़कता है नाम उसका आने पर
दिल की चिंगारी को अंगार कर लूं
बेमिसाल प्यार में कुछ लोग जो हुए
ख़ुदसताई मैं भी कई बार कर लूं
फ़ुर्क़त होने न दुगां , ये मेरा वादा है
पहले तो उसका आज दीदार कर लूंं
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