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मेरा भारत महान

                
                                                         
                            पंच शक्तियों के आशीर्वाद से बना मेरा हिन्दुस्तान,
                                                                 
                            
भूमि में अन्न, जल में जीवन।
अग्नि में माँ के आशीर्वाद से जवान का शौर्य और बलिदान,
वायु में प्रार्थना, आकाश-सा स्वाभिमान।

हिमालय बोले, मैं रक्षक हूँ सीमा का,
सागर बोले, मैं संगम हूँ संस्कृति का।
रेगिस्तान से लेकर पूर्वोत्तर तक,
हर मिट्टी में बसा एक ही मंत्र है।

पहाड़ हो या मैदान, गाँव हो या शहर,
गंगा हो या कावेरी, सबकी एक ही लहर।
पाँच उँगलियाँ मिलकर बनती हैं एक मुट्ठी,
तब गूंजता है नारा मेरा भारत महान।

जय हिंद जय भारत
-देवकी नन्दन
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2 महीने पहले

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