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राखी का बंधन

                
                                                         
                            राखी का बंधन
                                                                 
                            

सावन की खुशबू, भादो की बहार,
आया देखो फिर से राखी का त्योहार।
माथे पर टीका, हाथ में है राखी,
बहना की आँखों में खुशी है बाकी।

ये धागा नहीं, है प्यार का वादा,
जीवन भर साथ निभाने का इरादा।
कलाई पर बंधे जब रेशम के तार,
बहना कहे भैया, कभी न जाना हार।

बचपन की लड़ाई, वो मीठी तकरार,
एक ही थाली में खाना, एक ही प्यार।
गुड्डे-गुड़ियों से लेकर सपनों तक,
भैया तू ही तो है मेरा हक।

तू रूठे तो मैं तुझे मना लूं,
तू जो चाहे तो मैं खुद को सजा लूं।
रक्षा का वचन नहीं, ये दिल का नाता है,
भाई-बहन का रिश्ता सबसे प्यारा रिश्ता है।

खुश रहे मेरी बहना, यही दुआ है मेरी,
तेरी हंसी से रोशन दुनिया है मेरी।
जब तक है ये सांसे, ये बंधन न टूटे,
राखी के ये धागे कभी न छूटे।
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4 घंटे पहले

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