अभी पांच दिन युद्ध नहीं करेंगे
उसके बाद फिर क्या करेंगे?
नहीं बताया.... नहीं बताया.....
मारे गए इतने लोग
कितने मरीन ढह गए
शहर में मातम ही मातम
सितम किस क़दर ढा रहे
बिन कारण, बिन फैसला
आपने सीजफायर कर दिए।
इजराइल बर्बाद, कतर, कुवैत भी
ईरानियन का तो जनाजा निकाल दिए।
फारस की खाड़ी, स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज में
गैस ईंधन, पाइप लाइन तबाह हुए।
मानवता का तार तार हो गया
क्या स्त्री, क्या पुरुष, बच्चे भी
नेस्तानाबूद सब होते चले गए।
अब भी समय है
जमीन अपनी तलाश कर
जिन्दगी फिर से ढल सके।
ओमान कह रहा था मिसाईल नहीं
डायलॉग की टेबल पर आकर
गुत्थी सुलझा लिया करे।
अभी पांच दिन युद्ध नहीं करेंगे
उसके बाद फिर क्या करेंगे?
अन्त में क्या होगा, अलविदा ही,
मौत समस्या का समाधान नहीं
सुपर पावर हैं तो सूरत बनाकर
जिन्दगी फिर से ढल सके
ऐसी रास्ता बनाया करे।
समझदारी की बात कर
दुनियां को उजड़ने से बचा लें।
जितनी बड़ी कीमत आपकी है
उतनी ही कीमत हर शख्स की है।
यूएस प्रेसिडेंट हैं आप ओहदा बड़ी
आपके हर लब्ज़ पर नज़र है
आप ही नायक है, खलनायक भी
मुश्किल वक्त में सितारे बन उभर सके।
यही अपील हर जन मन की
दुनियां न जले, न कोई जलाया करे।
पांच दिन ही क्यों?
धरती फट रही है आसमां में शोले है
हो सके तो पहल हो शांत जीवन की।
शान्ति ही जीवन आधार बने।
जो जल गया है उसे मरहम मिले
जो ढह गए हैं उसे मरम्मती मिले।
जल जीवन गैस ईंधन न जले
विनाश की पटकथा मिट सके।
युद्ध विराम हो सदा के लिए।
ईरान, ईराक, सऊदी अरब, बहरीन,
कुवैत, कतर, फिलिस्तीन, इजराइल,
लेबनान, लिबिया, टर्की अजर बेजान
सब जगह अमन बहाल हो।
इन्सानियत के नाम पर शोले नहीं
नाटो भी कह रहा है, जापान भी
अब और नहीं जंग हो जग में।
कुछ बातें दरकिनार कर चलें।
युद्ध नहीं करेंगे सही है पर
फिर करेंगे ये सही नहीं है।
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X