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तरक्की

                
                                                         
                            तरक्की
                                                                 
                            
पहले की मशीन यानी कम्प्यूटर टर्मिनल डम्ब होते थे और
स्मार्ट लोग उनसे खेल कर पैसे बनाते थे
और लोगों को अपने जादू से भरमाकर इतराते थे
अब धीरे धीरे मशीन, मोबाईल हो या टीवी, स्मार्ट होती जा रही है
और उन पर बैठ कर वक्त बर्बाद करने वाले डम्ब लोग और डम्ब
यानी आलसी और भोंदू होते चले जा जा रहे हैं
अरे वाह ! हम लोग क्या खूब तरक्की करते जा रहे हैं
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
3 वर्ष पहले

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😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
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