आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

यादों की तस्वीर

                
                                                         
                            यादों की तस्वीर
                                                                 
                            
है
ये तस्वीर नहीं,
दिल में ठहरी हुई एक शाम है,
बीते हुए उन खूबसूरत पलों का
आज भी बाकी एक एहसास है।
24 साल की वक्त की राहों में
न जाने कितने मौसम गुजर गए,
कितने चेहरे यादों में बस गए,
कितने अपने हमसे बिछड़ गए।
मगर इन मुस्कुराते चेहरों को देखकर
दिल फिर उसी दौर में लौट जाता है,
जहाँ न कोई चिंता थी,
न कोई दूरी थी—
बस अपनापन था
और रिश्तों की गर्माहट थी।
कुछ पल तस्वीरों में कैद हो जाते हैं,
मगर उनकी खुशबू दिल में रहती है,
समय कितना भी बदल जाए,
सच्ची यादें हमेशा वही रहती हैं।
आज जब 2002 की डायट की यह पुरानी तस्वीर सामने आई,
तो आँखों में नमी
और चेहरे पर मुस्कान आ गई,
लगा जैसे बीता हुआ कल
चुपके से लौटकर
फिर गले लग गया।
तस्वीर पुरानी हो सकती है,
चेहरे बदल सकते हैं,
वक्त गुजर सकता है…
मगर कुछ रिश्ते,
कुछ मुस्कुराहटें और कुछ यादें
उम्र के आखिरी पड़ाव तक
“महादेव” के दिल में जिंदा रहती हैं।
-बृजेश महादेव
 
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
एक महीने पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर