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अक्स ए इजहार

                
                                                         
                            बात बात पर यूँ आँखें झुकाना,
                                                                 
                            
और फिर चोरी-छिपे मुस्कुराना...

तेरी ये मासूम सी शरारतें,
दिल को हमारे बड़ा सताती हैं।

कभी खुद ही खयालों में खो जाना,
कभी बेवजह मेरा इंतज़ार कराना...

तेरी इन हसीन अदाओं का मतलब,
अब हमसे और छुपाया नहीं जाता।

यूूँ पलकों की ओट से न देखा करो,
दिल की बात को यूँ न रोका करो।

जो मोहब्बत तुम्हारी आँखों में झलकती है,
उसे एक बार ज़ुबान से भी कह दिया कर ।।

— तन्मय मिश्रा 'चीनू मिश्रा'
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2 महीने पहले

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