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ज़िन्दगी एक जंग है

                
                                                         
                            जिंदादिल ही जीत जाते हैं जिन्दगी की जंग अक्सर,
                                                                 
                            
वरना लोग गहरे पानी में उतरने से भी अक्सर कतराते हैं।
गर हौसला छोड़ दिया हमने तो जीती बाजी भी हार जाते हैं।
बड़े ख्वाब वो ही पूरा करते हैं जो हार में भी मुस्कराते हैं।।

परख लेना खुद की ताकत कोई भी जंग लड़ने से पहले,
आयेंगे तूफान ज़िन्दगी में बहुत मगर हार का मजा खुद ही सह लें।
ये हार नहीं ज़िन्दगी का सबक़ जो आगे बढ़ना सिखाती है,
बड़े ख्वाब वो ही पूरा करते हैं जो हार में भी मुस्कराते हैं।।

समुन्दर की लहरों से जो अक्सर सीधे टकरा जाते हैं,
मझधार में फंसी किश्ती को भी वो ही पार ले आते हैं।
यदि हार कर बैठ जाते तो क्या वो समुन्दर को नाप पाते?
बड़े ख्वाब वो ही पूरा करते हैं जो हार कर भी मुस्कराते हैं।।

यदि कोई सैनिक दुश्मन के डर से हथियार डाल देगा,
क्या किसी जंग में वो शौर्य अपना दिखा सकता है कभी।
अकेले पड़ने पर भी जो दुश्मन को सबक़ सिखा आते हैं,
बड़े ख्वाब वही पूरा करते हैं जो हार कर भी मुस्कराते हैं।।

होती हैं रोज परीक्षाएं मनुष्य की हर घड़ी और हर पल,
मुसीबतों के तूफान आते हैं और तहस-नहस कर जाते हैं।
ज़िन्दगी एक जंग है जो अक्सर इसे महसूस कर जाते हैं,
बड़े ख्वाब वही पूरा करते हैं जो हार कर भी मुस्कराते हैं।।
-चन्द्र शेखर मार्कंडेय
 
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
3 महीने पहले

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