आओ पितरों को प्रसन्न करें हम,
आशीष उनका अब धारण करें हम।
जिनकी कृपा से फला फूला संसार,
श्राद्ध पक्ष में उनका तर्पण करें हम।।
समर्पित भाव से उनको नमन करें हम,
जीवन में पुण्य अब संचित करें हम।
वंश बेल बढ़ती रहे सदा सदा हमारी,
कृपा दृष्टि पितरों की बनी रहे सारी।।
गोद किसी की सूनी रह ना पाए कभी,
आकर पितर कृपा दृष्टि बरसाएं सभी।
जीवन की बगिया फले फूले हमारी,
पितरों को प्रसन्न करने की करें तैयारी।।
आओ हम सब मिलकर पितर मनाएं,
जीवन की सारी खुशियां घर ले आएं।
धन सुख समृद्धि के पितर हैं कारक,
जीवन के है बस पितर ही उद्धारक।।
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