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हमने लाखों वीर गवाए हैं (आज़ादी)..

                
                                                         
                            यूँही नहीं ये मिली आज़ादी,
                                                                 
                            
हमने लाखो वीर गवाएं है,,
इस आज़ादी की खातिर वीरो ने ,
अपने खून के कतरे बहाये है,,
न जाने कितने दुःख दर्द झेले,
कितनी झेली यातनाये है,,
उन वीरो के बलिदानो से ही,
हम आज़ाद भारत बन पाए है,,
यूँही नहीं ये मिली आज़ादी,
हमने लाखो वीर गवाए है!!

बूढ़ी आंखे, वो दौड़ता बचपन,
कई हाथो के कंगन ने सजा पायी है,,
तब जाकर कही इन तप त्याग से,
हमको आज़ादी मिल पायी है,,
उन रोती हुयी सब आँखों ने नजाने,
अपने कितने जज़्बात छुपाये है,,
यूँही नहीं ये मिली आज़ादी,
हमने लाखो वीर गवाए है!!

हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई,
सबने ही लहू बहाया था,,
उस खुनी मंज़र को देख के हर इक,
आंख में आंसू आया था,,
लाखो हिन्दुओ की चिताएं जलाई,
लाखो मुस्लिम दफनाए है,,
यूँही नहीं ये मिली आज़ादी,
हमने लाखो वीर गवाए है!!

हस्ते हस्ते जो फांसी पर चढ़ गए,
ऐसे वीरो को शत शत नमन,,
सीस कटाकर दुश्मन से लड़ गए,
ऐसे वीरो को शत शत नमन,,
उन वीरो को आज याद् कर "चन्दन",
मेरी आंख में आंसू भर आये है,,
यूँही नहीं ये मिली आज़ादी,
हमने लाखो वीर गवाए है..!!
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4 वर्ष पहले

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