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तुम हमारे होकर भी हमारे नही होते

                
                                                         
                            तुम हमारे होकर भी हमारे नही होते
                                                                 
                            
चांदनी रात में जैसे उजियारे
नहीं होते
जिस हकीक़त से कभी वाकिफ़ नहीं होते
गर्दिश ए दौर में उनको पुकारे नहीं होते
राहें वफ़ा की इतनी आसां नहीं होतीं
मुश्किलें जो आतीं मगर बेचारे नहीं होते
मिल ही जाती है मन चाही मंजिल उसको
जो किसी के कभी भी सहारे नहीं होते
जो जहां पर हैं उन्हे आखिर ही रहना है
जमीं पर आयें कभी चांद तारे नहीं होते
किसी की साजिशों से बर्बाद हो जाते "वफ़ा"
हम जैसे लोग किस्मत के मारे नहीं होते
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3 महीने पहले

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