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हम तुम्हें खुशामदीद लिखते हैं

                
                                                         
                            हम तुम्हें खुशामदीद लिखते हैं,
                                                                 
                            
बड़ी खुशामदी से पाया है तुम्हें।
तुम्हें अलविदा नहीं लिखूंगा,
तदवीर की रोशनी।
मेरी तकदीर की तस्वीर हो तूम।
उदासीन कंधों की,
मजबूत रीढ को,
कोई बता ?
अलविदा कैसे लिखूं।
अंतिम समय तक,
हो जाता है विश्वास,
पुनर्जन्म होता है।
तो भी अलविदा नहीं कहुंगा,
खुशी खुशी
चल दूंगा
साथ-साथ,
तेरे प्राण के साथ ।

अलविदा कैसे कह सकता हूं।
कभी महक फूल से जुदा हुई है,
चांद से चांदनी, तारों से रोशनी।
नदियों से प्रवाह, हवा से वेग,
हम दोनों शिव के शून्य है।
शिव की डमरु से निकलने वाले,
नाद के सत्यम शिवम सुंदरम हैं हम।
न अलविदा होते, न जुदा होते,
तुम खुशामदीद हो,
अलविदा नहीं।
मेरे वजूद बनकर ,
सांसो में रमती हो तुम।

 
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3 घंटे पहले

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