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अलविदा सुषमा स्वराज...

                
                                                         
                            अलविदा सुषमा स्वराज
                                                                 
                            
भारतीयता की रही नाज
नियति ने खेला खेल क्रूर
ले गया दीदी को दूर

ममत्वपूर्ण तेरे कृतित्व
अलग बनाते हैं व्यक्तित्व
भारत की थी सुपर मौम
आयरन लेडी दिल था मोम

माथे पर सांस्कृतिक बिंदी
ओजस्वी वक्ता भाषा हिन्दी
थी सहज सरल संयमी सुषमा
अद्वितीय सांसद अनुपमा

मानवीय गुणो की धारक
विपक्षियों पर प्रखर प्रहारक
सिद्धांतों पर आजीवन अडिग
उसूलों वाली वो रही निर्भीक

राजनीतिक-शुचिता-वाहिनी
चमकती रही बन दामिनी
हर भारतीय ने है कुछ खोया
दल से हटकर सब कोई रोया

दया करुणा की मूर्ति
तेरी हो नहीं सकती क्षतिपूर्ति
आजीवन रही राष्ट्र समर्पित
श्रद्धा सुमन करतें हैं अर्पित

बिजय बहादुर तिवारी ,बोकारो
सर्वाधिकार सुरक्षित


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7 वर्ष पहले

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