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तुझे देख देख मेरा दिल

                
                                                         
                            तुझे देख-देख मेरा दिल क्यों तड़प-तड़प जाए,
                                                                 
                            
मन मेरा आकाश में उड़-उड़ जाए।

तुझे देख-देख मेरा दिल क्यों तड़प-तड़प जाए,
तेरी एक झलक से जाने, दिल को क्या हो जाए।

हर साँस में तुम बसी हो,
मेरी धड़कन में तुम ही हो।

ये जहाँ भी नसीब हो जाए,
बस तू मेरे करीब हो जाए।

मिल जाना तुम, ये जाना,
दिल मेरा बड़ा गरीब है।

तेरे प्यार के सिवा न कुछ चाहूँ,
तू ही मेरी तक़दीर है।

तुझे देख-देख मेरा दिल क्यों तड़प-तड़प जाए,
मन मेरा आकाश में उड़-उड़ जाए।

तुझे देख-देख मेरा दिल क्यों तड़प-तड़प जाए,
तेरी मोहब्बत में ये दिल खोता ही जाए।

-भुनेश्वर अनंत 
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
1 सप्ताह पहले

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