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अंधेरी गलियो का मसीहा

                
                                                         
                            आजकल ज्ञान बाँटने वाले बहुत हैं,
                                                                 
                            
मगर मुसीबत में ज्ञान खो जाता है।
सोशल मीडिया की हर दीवार पर,
नसीब सो जाने का किस्सा सुनाया जाता है।

अंधेरी गलियों में एक बार,
मसीहा बनकर तो देख।
दूसरों को राह दिखाने से पहले,
खुद किसी का हाथ थामकर तो देख।

ज्ञान बाँटना बहुत आसान है यहाँ,
मुसीबत में साथ निभाकर तो देख।
शब्दों से दुनिया बदलने वाले बहुत हैं,
किसी का दर्द अपना बनाकर तो देख।

हर कोई कहता है—सब्र रखो,
वक्त एक दिन बदल जाएगा।
कभी किसी के बुरे वक्त में उतरकर देख,
शायद तेरा भी इंसान होना निखर जाएगा।

-भुनेश्वर अनंत
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4 घंटे पहले

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