कुछ लोग लफ़्ज़ों से नहीं,
किरदार से पहचाने जाते हैं,
ख़ामोश रहकर भी जो दिल में उतर जाते हैं।
रजनी जी, आपकी शख़्सियत का अंदाज़ ही निराला है,
आपकी सादगी में भी एक रुतबा शाही वाला है।
आपको समझने के लिए अल्फ़ाज़ काफ़ी नहीं,
आप जैसा होना भी तो हर किसी के बस की बात नहीं।
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