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सम्मान करो उस फ़ौजी का

                
                                                         
                            जो झुका नहीं दुश्मन के आगे, नमन मेरा उस फ़ौजी को,
                                                                 
                            
दिन-रात खड़ा हथियार लिए, सरहद के उस मनमोजी को।

नमन मेरा उस आँचल को, जिसमें तूने है दूध पिया,
बारम्बार नमन तुझको, तूने इस देश में जन्म लिया।

जिस घर में तूने ने जन्म लिया, उस घर का राजदुलारा था
जिस माँ ने आँचल से लिपटाया, तू आँखों का तारा था।

माता-पिता की एक तमन्ना, तू पढ़-लिखकर बड़ा बने,
भारत माता का बने दीवाना, तू भारत का रत्न बने।

भारत माता की जय बोले, गोली पर गोली झेल रहा,
सीने में उसके गोली है, फिर भी हथियार से खेल रहा।

दिल धड़क रहा उसका देखो, पानी की खातिर तरस रहा,
जय हिन्द, जय हिन्द, करता वो स्वर्गलोक को बरस गया।

घर में बैठी वो बूढी माँ, अपने लल्ला को तरस गई,
तेरे आने की रह देख, दिल में बरसात सी बरस गई।

ख़त पहुंचा घर की चौखट पर, ऐसा ग़मगीन माहौल बना,
अपने बेटे की मौत देख, सोचो उसका क्या हाल बना।

क्यों चला गया मेरे बेटे, क्यों तोड़ लिया मुझसे नाता,
बेटा बेटी का दिल टूटा और बिलख रही उसकी माता।

घर भेजा उसके मुहावजा, उस जवान का भुगतान किया,
पाला कैसे माँ ने लाल को, इस बात का क्यों नहीं ध्यान दिया

मैं कलम चलाऊं शासन पर, सेना का खूब सम्मान करें ,
जिस माँ का बेटा शहीद बने, उस माँ का सब सम्मान करें ।

ज़ब ज्वाला भड़के सीने में, वो तोड़ सके नभ के तारे,
इतना "भगवान" का कहना है, सुख साज़ मिले उनको सारे।
-: जय हिन्द :-
 
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2 महीने पहले

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