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देखे थे सपने

                
                                                         
                            हमने कोशिश करी थी कभी न वापस आने की
                                                                 
                            
देखे थे सपने अपनी असली मुकाम तक पहुँच
जाने की... मगर वक्त को न मंजूर था उसने
दिखाये मुझे ऐसे रास्ते जिसमें थी लाख ठोकरे
और अनचाही उलझने..मगर उन कठिन रास्तों पर
हमने हिम्मत न थोड़ी और उसका डट कर सामना
किया...!!
- ब्यूटी सिंह
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3 महीने पहले

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