जीवन के कुरुक्षेत्र में,हार रहे हैं युद्ध।
केशव आन उबारिए,मन मेरा है शुद्ध।।
मन मेरा है शुद्ध,नहीं छल-कपट किसी से
सच की राह गहा हमने सब दूर इसी से
कह बजरंगी लाल,सार सब अपने मन के
किसे सुनाऊं कौन सुनेगा दुःख जीवन के
-बजरंगी लाल
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