हाल बिहाल इहां हमरो उहां लोर से कोर के धोवत होइहैं
नींद न आवत है हमका उहां आंख में आंसू ले रोवत होइहै
हाय प्रिए कितना दुःख जीवन में अबहीं रब बोवत होइहैं
सोंचत हैं सब लोग हमैं हम चैन की नींद में सोवत होइहैं
-बजरंगी लाल
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