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समस्या का नज़रिया

                
                                                         
                            समस्या को वहीं से मत देखो,
                                                                 
                            
जहाँ वह आज खड़ी है।

धुंधलेपन से उभरते हुए,
दृष्टिकोण से यह घिरी है।

उसे वहां से देखो जहाँ से,
उसकी शुरुआत हुई थी।

हर उलझन, हर कठिनाई,
एक नई बात हुई थी।

जहाँ से यह अंकुरित हुई,
उस पल पर डालो नज़र।

तुम पाओगे नये रास्ते,
जो उभर रहे हैं सँवर।

यह नज़रिया बदल देगा,
तुम्हारे जीवन के सब फ़ैसले।

हर बाधा हो जाएगी साफ़,
और नए राह दिखेंगे पल-पल में।

 
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9 घंटे पहले

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