ताकत थी हमारे-तुम्हारे मोहब्बत में,
लेकिन बस आँसू का ही सहारा रहा है।
ख्याल ना अब तुम्हें हमारा रहा है,
ना हमें तुम्हारा रहा है।
ये बेफिजूल की बातें हैं कि
वजूद ना अब हमारा-तुम्हारा रहा है।
आँसू ही अब शायरी का सहारा है।
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