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आखिर मेरी हिम्मत रंग लाई

                
                                                         
                            जीवन की निर्धारित लक्ष्य से घूम,
                                                                 
                            
हो चले किस ओर तुम,
जब कर न सके एक चुनौती का सामना,
तो क्यों रखे हो मन में सफलता की कामना
जो है तुम्हारा लक्ष्य अपने मस्तक पटल पर छल्लो
उसे पूरी करने की जिद ठान लो।
जो भी तुम्हे परिस्थितियां मिले ,
कटे चुने या कलिया खिले,
विचलित होकर न घबराओ तुम,
एक नए जज्बात के साथ खड़े होकर
थोड़ा और जोर लगाओ तुम।।
लक्ष्य प्राप्ति के मार्ग में जनमन लोगे तुम हर,
जिंदगी भर तुम्हे सुनना पड़ेगा " तुमपे है धिक्कार"।।
परिश्रम गवाह है
जिसने रचा है अपना सुनहरा इतिहास,
उसे काटना पर है पहले वनवास।।
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4 घंटे पहले

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