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इश्क़- ए दास्ताँ

                
                                                         
                            कि कुछ तो आप में बात खास हैं,
                                                                 
                            
वरना यूँ ही नहीं आप मेरे पास हैं,
बहुत चाहत से ये बयां कर रही हूं मैं,
क्योंकि आप मेरा सबसे कीमती एहसास हैं,
शायद इश्क- ए-दास्तां ही मेरी तकदीर बन गयी,
जो मैं आप जैसे रांझे की हीर बन गयी...
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2 महीने पहले

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