मन के मंदिर साफ कर अपने दिल का फूल चढ़ाएं ।
पता नहीं जाने किस घड़ी भगवान के दर्शन हो जाए।
सोना - चांदी, रूपया-पैसा, हीरे-मोती भगवान को नहीं बहलाए,
दिल का सच्चा फूल ही उनके मन को भाए।
- अविनाश रंजन
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