मेरा समाज से
कोई बैर नहीं।
पर जो
अराजकता
फैलाते हैं
उनकी खैर नहीं।।
-अविनाश ब्यौहार
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X