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हिंदी ग़ज़ल

                
                                                         
                            काम सिखाया आनन फानन।
                                                                 
                            
वह जो आया आनन फानन।।

गाने का है मौका मिलता,
उसने गाया आनन फानन।

प्रीति भोज में वह आया था,
खाना खाया आनन फानन।

महफिल में उसका जलवा था,
औ वो छाया आनन फानन।

घर में जब बीमार पड़े तो,
वैद बुलाया आनन फानन।
-अविनाश ब्यौहार
 
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2 महीने पहले

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