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बच्चे आए थे मेरे पास झगड़कर

                
                                                         
                            बच्चे आए थे मेरे पास झगड़कर
                                                                 
                            
एक दूसरे की शिकायत लेकर
कि मैं न्याय करुँगा !!
एक शिक्षक, अकसर..
इस तरह
जज की भूमिका में होता है।

मुझे पता नहीं
कौन सही था कौन गलत
एक सही - एक गलत
दोनों सही - दोनों गलत,
मेरे पास
मामला सुनने का समय नहीं था
और न ऐसे महत्वहीन (?) विषय में रुचि।

मैंने दोनों को एकसार ही समझाया
मैंने दोनों को एक साथ ही डाँटा
दोनों को एक दूसरे से सॉरी बुलवाया
उनके चेहरे पर
संतुष्टि का भाव भी पाया।

बच्चों की अनबन बच्चों सी होती है
बच्चों में छोटी उलझन ही होती है
खास बात इतनी सी नहीं है
विशेषता विश्वास की है।

बच्चे शिक्षक के किए
फैसले को हितकारी मानकर
स्वीकार कर सकने के लिए
तैयार रहते हैं
बच्चे उनके लिए
शिक्षक द्वारा किए निर्णय को
निष्पक्ष समझकर
अपनाने के लिए उदार रहते हैं।
- अवतार सिंह अक्षरजीवी
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5 घंटे पहले

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