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अभियान नहीं रुकते...!

                
                                                         
                            जीवन में जो होने वे नुकसान नहीं रुकते !
                                                                 
                            
कुछ घावों से वीरों के अभियान नहीं रुकते !

कदम-कदम पर बाधाएं आंखें दिखलतीा हैं ,
शत्रु-शक्तियां तरह-तरह से तीर चलाती हैं ,
रखें इरादे पक्के वे इंसान नहीं रुकते !
कुछ घावों से वीरों के अभियान नहीं रुकते !

ठोकर तो राहों के गहने इनसे डरना क्यों?
मरने से पहले जीवन में पल-पल मरना क्यों ?
संकल्पों पर ईश्वर के वरदान नहीं रुकते !
कुछ घावों से वीरों के अभियान नहीं रुकते !

गिर-गिर कर जो उठते वे ही मंज़िल पाते हैं,
नहीं भीड़ में ढलते अपनी राह बनाते हैं,
कुछ असफलताओं से लक्ष्य-संधान नहीं रुकते!
कुछ घावों से वीरों के अभियान नहीं रुकते!

इनकी गाथा की खुशबू बसती है हवाओं में,
इनकी कीर्ति-पताका फहरे दसों दिशाओं में,
सदियों तक इन लोगों के गुणगान नहीं रुकते!
कुछ घावों से वीरों के अभियान नहीं रुकते!
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3 महीने पहले

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