हमारे प्यार का मुक़ाबला
तुम कर ना पाओगे।
वफ़ा तुम दे ना पाए हो ज़फा
हम ले ना पाएंगे।।
बड़ी शिद्दत से चाहा था तुम्हें
अपना बनाया था।
मेरे तुम हो ना पाए हो किसी
के हो ना पाओगे।
तुम्हारे वास्ते हर दर्द को गले
लगाया था।
सिला तुम दे ना पाए हो गिला
हम ले ना पाएंगे।।
अंधेरी राहों में संबल तेरे दामन
का चाहा था।
मंज़िल तुम दे ना पाए हो भटकन
हम ले ना पाएंगे।।
बसर हो ज़िंदगी सुकून से इतनी
तमन्ना थी।
अमन तुम दे ना पाए हो विकल
हम ले ना पाएंगे।।
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