हम सहज हैं हम सहिष्णु हैं हम चाहते हैं शांति को
इंसानियत की वजह से हम रोकते हैं क्रांति को
तुम ले रहे हो आज फिर खामोशियों का फायदा
उल्लंघन किया कानून का और तोड़कर सब कायदा
कर ली है तुमने खूब मनमानी यहां इस देश में
साबित हुआ होगी तुम गिद्ध हो उस हंस जैसे वेश में
लेकिन ना अब बर्दाश्त है निज देश की अवहेलना
हिंन्दू धर्म के नाम पर वो व्यंग वाणी झेलना
गर अब किया विपरीत कुछ होगा गलत परिणाम तो
मिट जाएगी हस्ती तेरी पाओगे ये अनजाम तो
तांडव बनाकर कर रहे बदनाम तुम्हें हिंदुत्व को
दे रहे चुनौती मूर्खों भगवान के अस्तित्व को
आ रहा मजा तुमको अभी प्रहार कर मम धर्म पर
लज्जा तुम्हें आती नहीं इन नीचता के कर्म पर
समझा रहा हूं मैं तुम्हें आदत अगर सुधरी नहीं
मिट जाएगा यह बॉलीवुड ना नाम फिर होगा कहीं
तांडव करेंगे महादेव जब हलचल अधिक मच जाएगी
मिट जाएगी इस्लामियत शैतानियां ना आएंगी
औकात ना भूलो कभी एहसान मानो देश का
मौका दिया रहने का तुमको वंश के परिवेश का
वरना बिखर जाओगे तुम हस्ती नजर ना आयेगी
हमला हुआ हिंदुत्व पर तो ज्वालामुखी फट जायेगी
तैमूर के अब्बू अली तू बच नहीं फिर पायेगा
आर्यन ' का ये पैग़ाम भगवा हर समय लहरायेगा !!
भगवाधारी विशुद्ध सनातनी हिंन्दू
आर्यपुत्र आर्यन सिंह कृष्णवंशी
{ आर्यावर्त नव निर्माण सेना }
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