इच्छा हुई कि करूँ कोई शुभ काम
लिखूं कुछ पंक्तियाँ अपनी प्यारी दिवंगत माँ के नाम
समय है नमन करने का उसको,अकल्पनीय और वंदनीय है
जिसके निस्वार्थ परिश्रम, सहनशीलता और बलिदान
पूर्णतया समर्पित और सर्वोपरि थे हमारे आराम
और घर की खुशहाली , उन्नति और उत्थान
कुछ पंक्तियाँ अपनी प्यारी मां के नाम
नाम विमला, जगन्नाथ पुरी की अधिष्ठात्री देवी
जिनके चखने पर भगवान का भोग बन जाता महाप्रसाद
कैसे किया जीवन यापन हमें है अच्छे से ज्ञात
बिन माँ के पली,बचपन से ही रखा अपने पिता और भाई का ध्यान
महलों,सोनेचाँदी में जन्मी, तदन्तर गरीब आर्थिक स्थिति में
संघर्षो का किया सामना, नहीं था कुछ भी आसान
आपके उन संघर्षों को कोटि-कोटि प्रणाम
कुछ पंक्तियाँ अपनी प्यारी मां के नाम
एक मात्र उद्देश्य परिवार का उत्थान
हमें पढ़ाने के समय, समय भूल जाती थी
और खिलाने के समय गिनती भूल जाती थी
सदा हमारे दिलों में रहोगी, करोगी राज
आज जो भी है सबकुछ उसके बलिदानों का परिणाम
धन, संपत्ति, जीवनकौशल और ज्ञान
कुछ पंक्तियाँ अपनी प्यारी मां के नाम
तू तो थी भगवान की अजीब रचना
हमारे दुखी होने पर तो कई लोग रोते थे
तू ही थी एक इंसान दुनिया में
जो हमारी खुशी पर भी रोती थी
अपनी परवाह नहीं, पर हर समय चिंता हमारी थी
तेरा पल्लू था शीतलतापूर्ण ममतामई परिधान
कुछ पंक्तियाँ अपनी प्यारी मां के नाम
आपको बनाने में ईश्वर ने उपयोग की मिट्टी विशेष
जो हमारी शरारतों पर ना कभी डाँटा,ना किया क्रोध
इतने महलों- नौकरों को छोड़कर दूसरे शहर में
पति को भी छोड़कर स्थानांतरित होना किया स्वीकार
सीता जी जैसे राजपाठ रिश्ते तोड़कर संतानहित में लिया संन्यास
काश तू होती जीवित, यह देखने को आज
हमें कहाँ ऊँचाईयों पर ले आया तेरा धैर्य,परिश्रम और बलिदान
कुछ पंक्तियाँ अपनी प्यारी मां के नाम
अच्छे-बुरे समय और कठिनाइयों में आती रहोगी बहुत याद
शायद लिखा था ईश्वर ने हमारा इतना ही साथ
उसको हमसे अधिक आवश्यकता होगी इसलिए बुला लिया अपने पास
चलो इस पर ही कर लेते संतोष, भगवान के पास है अपना कोई विशेष
प्रभु इच्छा के सामने होना नतमस्तक, यही दिए है तूने संस्कार
ईश्वर आपको दे सदगति,आत्मा को दे शांति प्रदान और स्वर्ग में दे उचित स्थान
ऊपर से ही देते रहना हमें आशीर्वाद,गाते रहना मंगलगान
कुछ पंक्तियाँ अपनी प्यारी मां के नाम
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