भाई अभियंता! अद्भुत, अतुल्य, प्रशंसनीय है तेरी महानता
विश्वेश्वराय जी ने सच कहा, ज्ञान प्राप्त करने का साधन है विज्ञान
और अभियांत्रिकी करने का, इन दोनों से बनता है देश विशाल
जिसने महासागर पर पाषाण -पुल बनवाया
शायद हमसे पहले महान अभियंता होंगे हनुमंता
भाई अभियंता! अद्भुत, अतुल्य, प्रशंसनीय है तेरी महानता
भारत का रहा है जीवित अभियंताओ का एक समृद्ध इतिहास
जिनकी सोच ने बुनियादी ढांचे,अंतरिक्ष अन्वेषण को दिया आकार
तकनीकी अभियान्त्रिकी कौशल से बनाते हैं जीवन आसान
भविष्य का डिजाइन बनाते हैं, कर देते हैं सपनों को साकार
अभियांत्रिकी है वह क्षेत्र,जहाँ मिलती हैं कल्पना और बुद्धिमत्ता
भाई अभियंता! अद्भुत, अतुल्य, प्रशंसनीय है तेरी महानता
केवल मशीनें, ढांचे या सिस्टम नहीं बनाते ये अभियंता
संपूर्ण करते हैं संभावनाएँ, बनाते हैं जीवन को आसान
आकार देते हैं सुरक्षित, चतुर, टिकाऊ और बेहतर दुनिया
उन चुनौतियों को हल करते हैं, जिनसे त्रस्त होती है मानवता
भाई अभियंता! अद्भुत, अतुल्य, प्रशंसनीय है तेरी महानता
डॉक्टरों, शिक्षकों आदि के योगदान की करते हैं सराहना
लेकिन अगर सड़कें, पुल, मेट्रो, प्लांट आदि बोल सकते तो
बताया होता कि अभियंताओं ने क्या और कैसे किया जगत कल्याण
उनका जीवन उद्देश्य होता है बनाना सब के लिए बेहतर भविष्य
निकालना असंभव समस्याओं का व्यावहारिक,
उपयोगी और कल्याणकारी समाधान
उन्हें है ज्ञात, बिना परिश्रम के कुछ नहीं मिलता
भाई अभियंता! अद्भुत, अतुल्य, प्रशंसनीय है तेरी महानता
जीवन में नहीं किसी से लगाव, हैं ऐसे संन्यासी
किसी भी विषय में पढ सकते हैं अभियांत्रिकी
लेकिन जीवन में अलग ही क्षेत्र में कर सकते हैं अभ्यास
कर देते हैं जंगल में भी मंगल और ज्ञान बन जाता है नवाचार
नम्र होकर नाम से पहले नहीं लगाते उपसर्ग, नहीं करते दिखावा
वो शानदार मस्तिष्क जो निर्माण करता है, लाता है रचनात्मकता
भाई अभियंता! अद्भुत, अतुल्य, प्रशंसनीय है तेरी महानता
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