ये कन्या रूपी रत्न मिला है तुमको
तुम इसको उत्तम जीवन देना
यह है एक मदनशलाका सी
मृदुल एक अभिलाषा सी
ये सुखवनिता सारे पतझड़ लेकर
बाखर मे अमृतफल बरसायेगी
दुनिया भर की सब खुशियां
अपनी किस्मत से लाएगी
तुम अथाह होकर इसके गौरव को चमकाना
कभी कचोटना ना करना इससे
इस दामिनी को कभी निर्मम ना होने देना
ये कन्या रूपी रत्न मिला है तुमको
तुम इसको उत्तम जीवन देना
अरे ये तो नादान है
जीवन के मोह से अंजान है
कभी कुड़न ना करना इससे
ये तो अलख का वरदान है
इसका सम्मान ना बियाबान है
यही तुम्हारा मान विपिन अभिमान है
जब खिलकर ये कली जहां मे नूर बनेगी
तब इससे होगा जहां मे सम्मान है
तुम इस 'अरुणप्रिया' को वंशीवट सी छाया देना
ये कन्या रूपी रत्न मिला है तुमको
तुम इसको उत्तम जीवन देना
कुँवर अरुण
सिलहरी
तहसील - सहसवान जिला-बदायूं
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