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मेरे काम वही आए जो कहने को बेगाने हैं।

                
                                                         
                            मंदिर मस्जिद से बेहतर तो अपने ये मय-ख़ाने हैं,
                                                                 
                            
मज़हब की तक़रार नहीं और आपस में याराने हैं।

रिंदों की कुछ बात न पूछो रहते हरदम मस्ती में,
खुल्ले दिल के मालिक हैं सब फ़ितरत से मस्ताने हैं।

उम्र भले ही कुछ भी हो पर प्यार जवाँ अब भी अपना,
दुनिया चाहे जो भी समझे हम तेरे दीवाने हैं।

इस दुनियाँ में इतने ग़म हैं कौन यहां बेदाग़ रहा,
जिसको देखो उसके दिल में ग़म के ही अफ़साने हैं।

इश्क़ किया तो डरना कैसा परवानों से सीखो तुम,
प्यार निभाने की ख़ातिर ये जल जाते परवाने हैं।

क़ुदरत रंग बदलती है कभी बनाती कभी मिटाती,
कल तक थे जो राज घराने आज वहां वीराने हैं।

रिश्तों की तुम बात न पूछो किसने साथ निभाया है,
मेरे काम वही आए जो कहने को बेगाने हैं।
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एक घंटा पहले

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