कई बार खुशियाँ हमारी ज़िंदगी में दस्तक देती हैं,
पर हम उन्हें पहचान नहीं पाते,
क्योंकि हम उन्हें कहीं और तलाश रहे होते हैं।
मगर ज़रूरी तो नहीं
कि हर बार ऊपरवाला
हमें हमारी ही शर्तों पर
खुशियाँ दे।
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