अब तक साथ चले हैं जैसे,आगे साथ चलें।
दीपक - बाती जैसे हम तुम,मिल कर साथ जलें।।
नियति नटी ने हमें मिलाया
यह उपकार किया
ईश्वर की इच्छा को हमने
हंस स्वीकार किया
मिलकर हमने बाग लगाए,फूलेऔर फलें। अब तक साथ चले हैं जैसे,आगे साथ चलें।।
साथ दिया तूने जीवन में
मिल सुख - दुःख बांटे
कहीं खुशी के फूल कहीं पर
दुःख के भी कांटे
ठोकर कहीं लगी जीवन में,मिल कर हम संभलें।
अब तक साथ चले हैं जैसे आगे साथ चलें।।
जीवन - पथ आसान नहीं है
विपदाएं आएं
नभ मंडल में कभी - कभी ज्यों
काले घन छाएं
मन में हो विश्वास कभी हम सत्पथ से न टलें।
अब तक साथ चले हैं जैसे आगे साथ चलें ।।
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