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इसलिए आज हम गीत गाते नहीं

                
                                                         
                            इसलिए आज हम गीत गाते नहीं !
                                                                 
                            
अर्जुन प्रभात
भाव घायल हुए शब्द आते नहीं।
इसलिए आज हम गीत गाते नहीं।।

जो थे अपने वही अब पराए हुए
घात बैठे हैं अब वो लगाए हुए
ये वजह, उनके कूचे में जाते नहीं।
इसलिए आज हम गीत गाते नहीं।।

जिनको दी रौशनी,तीरगी दे रहे
आज गम से भरी जिंदगी दे रहे
जख्म उनके दिए हम भुलाते नहीं।
इसलिए आज हम गीत गाते नहीं।।

कितने चेहरे लिए लोग फिरते यहां
थोड़ा पाने को नजरों में गिरते यहां
हम तो चेहरे पे चेहरा लगाते नहीं।
इसलिए आज हम गीत गाते नहीं।।
 
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2 महीने पहले

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