समझायें उन्हें हम कैसे ,जो
समझाने पर समझें कुछ और।।
साज सजावट भी फीके फीके लगें
जब नजर न आवे चितचोर।।
साज सजावट सजा लगे,जब
उन्होंने खोज लिया ठौर, कोई और।।
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