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घनघोर घपले घोटालों की बारिश

                
                                                         
                            घनघोर घपले घोटालों की बारिश में नहीं जल पाते थे
                                                                 
                            
कई माचिस
हालात थे ऐसे कि अच्छे अच्छों को खूब भाती थी ऐसी
बारिश
अच्छे अच्छों को होने लगी थी जब अनचाही अनजानी पेचिश
रोशनी भी जा छिप बैठी देख कर बदले हालात की
साज़िश
वाचाल हुआ करते थे जो दे दे कर नैतिक नीति की हर
पल दुहाई
युग हैरान था घपलों घोटालों के हाथों देख उन लोगों की
होती पिटाई
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3 महीने पहले

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