हम आयेंगे हर बार ये जरूरी तो नहीं हैं l
क्योंकि हमने वहाँ से रिश्ते तोड़ रखे हैं ,
जिन रिश्तों में मेरी जान बस्ती हैं ll
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X