दोस्ती का बंधन तोड़ना मत कभी
यू रोता हुआ छोड़ना मत कभी
दूर जाना ही था तो
इतने करीब आये थे क्यूँ तुम....
रूलाना ही था तो
फिर हसाया क्यूँ
दोस्ती का बंधन तोड़ना मत कभी
यू रोता हुआ छोड़ना मत कभी
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X