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ऐ जिन्दगी अब ,मुझे ना रूला

                
                                                         
                            ऐ जिन्दगी अब,मुझे ना रूला
                                                                 
                            
ये आखे रोई बहुत है मेरी
इनको अब ना तू ,और रूला
ये रोई बहुत है ,अब ना रुला
दिल मे जख्म बहुत है मेरे
पर ऐसा कोई ना है, जिन्दगी मे मेरे
जिनको मै ये जख्म दिखाऊ
ऐ जिन्दगी अब ,मुझे ना रूला
दे जो गया है ,जख्म मुझे
उसको इन जख्मो को, कैसे दिखाऊ
जिसने किये थे वादे बहुत
उसने ही तोडा है ,दिल को मेरे
उसी को ये अपनी हालत,मै कैसे बताऊ
वो खुश बहुत है ,जिन्दगी मे अपने
फिर अपनी मै हालत ,उसे कैसे सुनाऊ
ऐ जिन्दगी अब ,मुझे ना रूला
ये आखे रोई बहुत है मेरी
इनको अब ना,तू और रूला
ये रोई बहुत है ,अब ना रूला
ऐ जिन्दगी अब ,मुझे ना रूला
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2 महीने पहले

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