लंबे कदम तेज चलन
सबसे आगे बढ़ने की होड़,
इतनी भी जल्दी कहां की
सफ़र से भी ख़ूबसूरत
हदफ़ होगा क्या ?
कुछ सच कुछ झूठ
से लदी चादर को ओढ़,
व्यर्थ मुबाहिसा करने वाले
इस मुहमल जिंदगी का
मज़मून होगा क्या ?
- अपेक्षा शुक्ला
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