सादगी की मूरत, ज्ञान का सागर,
डॉ. मनमोहन सिंह, भारत के रतन अमूल्य अगर।
शब्दों से नहीं, कर्मों से की उन्होंने बात,
सादगी और सत्य की थी उनकी सौगात।
आर्थिक संकट में जब देश था उलझा,
उनके विचारों ने दिखाया भविष्य का रस्ता।
उदारीकरण का जो दीप उन्होंने जलाया,
भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
न शोर, न दिखावा, न किसी का डर,
हर निर्णय में झलका उनका गहन नजर।
विचारों में शांति, दृष्टि में था उजाला,
ऐसे नेता पर हर दिल ने गर्व से निहारा।
प्रधानमंत्री होकर भी रहे सदा विनम्र,
दुनिया ने माना उनका ज्ञान प्रखर।
शिक्षा, सेवा, और नीति का ऐसा संगम,
डॉ. मनमोहन सिंह बने हर दिल का आचरण।
आज भी उनके आदर्श हमें राह दिखाते,
ईमानदारी और मेहनत का पाठ पढ़ाते।
डॉ. मनमोहन सिंह, आप सदा रहेंगे हमारे,
एक प्रेरणा, एक मिसाल, सच्चे सितारे।
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