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मेरे दो नैन तुमने भिगोये ऐसे

                
                                                         
                            मेरे दो नैन,तुमने भिगोए ऐसे,
                                                                 
                            
रोके न रुके आँसुओं की धारा।

प्रियतम, न जाओ तुम
यूँ ही मुख मोड़कर,
रुक जाओ प्रिये पुकारे —
यह हृदय तुम्हारा...
मेरे दो नैन...।।१।।

यह अंतिम विदाई है,
है यह अंतिम मिलन,
कल तक जो यादें थी 
वो बन जाएंगे स्मरण ।

हंसी के वो सारे पल,
अब यादों में बस जाएंगे 
बातों के मीठे किस्से 
दिल में ही रह जाएंगे ।
मेरे दो नैन...।।२।।

कदमों की आहट सुन लूँ मैं,
बस इतनी-सी अभिलाषा,
थाम लो फिर से हाथ मेरा,
टूट न जाए साथ — यही आशा।
मेरे दो नैन...।।३।।

स्मृतियों की पगडंडी पर
चलता मन तड़पाया,
हर धड़कन ने नाम तुम्हारा
धीमे से दोहराया...
मेरे दो नैन...।।४।।

यदि जाना ही है तुमको,
तो वादा एक निभाना,
इन भीगे नैनों की खातिर
फिर सपनों में आ जाना।
मेरे दो नैन...।।५।।

दूर सही हो तन से लेकिन,
मन से दूर न हो जाना,
धड़कन में बसकर चुपके से
मुझको याद दिला जाना।
मेरे दो नैन...।।६।।

— रविकुमार खोब्रागड़े
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2 महीने पहले

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