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मेरी मासूम रोशनी

                
                                                         
                            लोग खुश हैं उन्हे रोशनी मिल गयी
                                                                 
                            
कुछ दिनों के लिए जन्नतें मिल गयी
जिंदगी भर जिसे तलाशता मैं रहा
वो मासूम अपने वादे से फिर गयी

उसके उड़ते दुपट्टे की याद आ गयी
जब भी पेड़ों की परछाइयाँ मिल गयी
लोग खुश हैं उन्हे रोशनी मिल गयी

एक दिन राह मे वो मिली इस तरह
जैसे बारिश की रिमझिम झड़ी लग गयी
लोग खुश हैं उन्हे रोशनी मिल गयी
कुछ दिनों के लिए जन्नतें मिल गयी

ठोकरें तो लगी पर तजुरबे हुये
मोहब्बत करने की बारीकियाँ मिल गईं
हम तो मौत को गले लगाने जा रहे थे मगर
बीच रास्ते मे तंहाइयाँ मिल गईं

लोग खुश हैं उन्हे रोशनी मिल गयी
कुछ दिनों के लिए जन्नतें मिल गयी ||
By Ankit Singh Patel


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7 वर्ष पहले

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