आज गगन हुंकार उठा
आज वतन हुंकार उठा
आज सहज ने ललकारा है
"हटो दूर हटो यह वतन हमारा है
स्वर्ग से सुंदर यह चमन हमारा है
यहां पावन गंगा का किनारा है।"
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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