उर में हिंदुस्तान लिए
उर में नव विहान लिए
उर में यू.पी.राजस्थान लिए
उर में आसमान लिए
उर में हरियाणा,बिहार लिए
उर में सारा संसार लिए
उर में मानव प्यार लिए
चल रहा हूं मैं दिल जवान लिए
उबल रहा हूं मैं देश प्रेम का तूफान लिए
चल रहा हूं मैं हिंदुस्तान का संविधान लिए
चल रहा हूं मैं तिरंगा उतान लिए।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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